ऊना में खर्च दिया चारे के लिए आया किन्नौर का बजट, जगत नेगी ने उठाए सवाल * ENTV

ऊना में खर्च दिया चारे के लिए आया किन्नौर का बजट, जगत नेगी ने उठाए सवाल

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर के कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने कृषि निदेशक पर आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र के लिए आया उत्तम चारा योजना का बजट ऊना में खर्च किया गया है। चारे के लिए आया बजट 15 लाख रुपये था। बागवानी विभाग भी जनजातीय क्षेत्र के लिए आए 3 करोड़ 60 लाख रुपये एंटी हेलनेट के लिए तय था। इसे रोककर मालूम नहीं कहां खर्च किया है। इसका हिसाब नहीं दिया है। जनजातीय क्षेत्र का पैसा बाहर खर्च नहीं किया जा सकता है।  पीटरहॉफ में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई विधायक प्राथमिकता बैठक में विधायक जगत सिंह नेगी ने मुद्दा उठाया कि प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान करना चाहिए। जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए नौ फीसदी पैसा खर्च किया जाता है। इसमें भी 65 फीसदी बजट को चिह्नित कर बिजली बोर्ड की इक्विटी या अन्य जगहोें पर डाला जा रहा है।
केवल 35 फीसदी बजट खर्च किया जा रहा है। जनजातीय क्षेत्र के करीब 60 लाख रुपये के न्यूक्लियस बजट को भी उपायुक्त और जिला प्रशासन ने मनमर्जी से खर्चा है। उन्होंने मंजूर पैसा रोककर इस बारे में भी जांच मांगी। परियोजना सलाहकार समिति की सिफारिश से ही बजट खर्च कर सकते हैं। इसमें कई गैर सरकारी सदस्य भी होते हैं। उपायुक्त इसके अध्यक्ष हैं। वह खुद इसके उपाध्यक्ष हैं। बैठक में एजेंडा तो लाया गया, मगर किसको क्या देना है। इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं किया। भाजपा नेताओं के दबाव में इसका नियमों के विरुद्ध आवंटन करने को कहा है। जिसके लिए कहीं से बजट का प्रावधान न हो रहा हो, इसे वहां खर्च किया जाता है।

जनजातीय क्षेत्र में डीसी की शक्तियां कम करने को कहा

शिमला। विधायक प्राथमिकता बैठक में किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के लिए इकहरी प्रशासन प्रणाली को समाप्त करने की जरूरत है। जब यातायात और संचार के साधन विकसित नहीं थे तो उसी वक्त इसे शुरू किया गया। सिंगल लाइन प्रशासन में उपायुक्तों को शक्तियां दी गई हैं। इससे विभाग ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं। बेहतर प्रशासन के लिए सत्ता का विकेंद्रीकरण करना आवश्यक है। जनजातीय क्षेत्रों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए बिजली लाइनों में टावरों की स्थापना में बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए निधि को गैर-जनजातीय क्षेत्रों में स्थानांतरित करने की अनुमति नहीं देने का भी आग्रह किया।

रामपुर से कौरिक तक सड़क को डबल लेन नहीं करने की बात उठाई

जगत सिंह नेगी ने कहा कि किन्नौर मेें बीआरओ को 800 करोड़ रुपये रामपुर से कौरिक तक सड़क को डबल लेन नहीं करने की बात उठाई। अभी इस सड़क के लिए 13 साल लग गए। यह उपजाऊ क्षेत्र है। इसमें भूस्खलन बहुत हो रहा है। इसे डबल लेन करने के बजाय सतलुज के दाहिने तट से एक वैकल्पिक सड़क पूह तक बनानी चाहिए।
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