CWG ब्रांज मेडलिस्ट गुरदीप की मेहनत,सब सो जाते तो रात भर प्रैक्टिस करता रहता; बहन बोली- मुझे रक्षाबंधन का गिफ्ट मिल गया * ENTV

CWG ब्रांज मेडलिस्ट गुरदीप की मेहनत,सब सो जाते तो रात भर प्रैक्टिस करता रहता; बहन बोली- मुझे रक्षाबंधन का गिफ्ट मिल गया

बर्मिंघम में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग में पंजाब के गुरदीप सिंह ने 109प्लस कैटेगरी में ब्रांज मेडल जीता। वह खन्ना के गांव माजरी रसूलड़ा के रहने वाले हैं। परिवार के लोग बेटे की जीत पर बहुत खुश हैं। वह कहते हैं कि गुरदीप दिन भर गांव के ग्राउंड में प्रैक्टिस करता था। घर आने के बाद भी वह चुप नहीं रहता।

जब घर के बाकी लोग सो जाते तो नींद छोड़ फिर प्रैक्टिस शुरू देता। भाई की जीत पर खुश बहन मनबीर कौर बोली कि मुझे रक्षाबंधन का एडवांस गिफ्ट मिल गया। बस अब वह जश्न मनाने के लिए गुरदीप के घर लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

बेटे ने बहुत तपस्या की : पिता भाग सिंह
गुरदीप के पिता भाग सिंह ने कहा कि गुरदीप देश की खातिर मेडल लाया है। बेटे ने बहुत तपस्या है। दिन-रात प्रैक्टिस की ताकि एक दिन दुनिया में देश का नाम चमका सके। शुरूआत में गांव के ग्राउंड में ही प्रैक्टिस करता रहा। इसके बाद कैंप में चला गया तो सारी प्रैक्टिस वहीं हुई। 2010 में गुरदीप ने यह गेम शुरू की। शुरूआत में गांव के ग्राउंड में ही कोच शुभकरनवीर ने गाइड किया। कोच ने खूब मेहनत कराई। 2015 में रेलवे में नौकरी मिल गई। गुरदीप को एयरफोर्स में भी नौकरी का ऑफर था। गुरदीप इस वक्त रेलवे में सीनियर इंस्पेक्शन अफसर के पद पर मुंबई में जॉब कर रहे हैं।

भाई ने कहा था, खाली हाथ नहीं लौटूंगा : मनबीर
गुरदीप की बहन मनवीर कौर ने बताया कि 109 प्लस कैटेगरी में देश के लिए यह पहला ब्रांज मेडल है। हमें मैच नहीं दिख रहा था लेकिन हम ऑनलाइन अपडेट्स ही ले रहे थे। वहां लगातार वीडियो कॉल कर भी पता कर रहे थे। अब हमें उनके वापस का इंतजार है। गुरदीप ने कहा था कि मेरी पूरी कोशिश गोल्ड मेडल की रहेगी लेकिन सिल्वर और ब्रांज में से कोई एक जरूर आएगा। मैं कॉमनवेल्थ गेम्स से खाली हाथ नहीं लौटूंगा। बहन ने कहा कि भाई ने मुझे यह रक्षाबंधन का एडवांस गिफ्ट दे दिया है।

टफ कंपीटिशन था, प्रदर्शन से खुश : गुरदीप
गुरदीप सिंह ने कहा कि कंपीटिशन काफी टफ रहा। इस वेट में इंडिया को कभी मेडल नहीं मिला था। मैं कोच और फैमिली को शुक्रिया कहना चाहता हूं कि उन्होंने मुझ पर पूरी मेहनत की। इस बार मैंने काफी तैयारी की थी। अपने प्रदर्शन से मैं बहुत खुश हूं। मैं अपनी जीत का क्रेडिट कोच और फैमिली को देता हूं। स्पोर्ट्स फेडरेशन ने भी हमें बहुत सपोर्ट किया।

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